Tuesday, December 23, 2014

अंधभक्ति

चीजें नचाती भारत को वर्तमान में तीन,
धर्म और क्रिकेट हैं दो, तीजे राजनीति की बीन।

राजनीति की बीन नेता जब भी बजाए,
जनता सबकुछ भूल बस फिर ठुमके लगाए।

फिर ठुमके लगाए जब जब गेंद पे बल्ला घूमे,
हर छक्के पे बल्लेबाज के चित्र को चूमे।

चित्र को चूमे और जोर से नारे लगाएँ,
धर्म के नाम पे अपनों को ही मारे जाएँ।

अंधभक्ति ये पुत्र मेरे 
कब तक करते रहोगे,
मैं भारत माँ अब त्रस्त हुई
कब तक खुद ही मरते रहोगे।

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